Favourite Poetry #5: Judai #3 ((Hindi)

बेबसी होती ना हमसर को झुकाए होते
आप आए थे मगर काश ना आए होते
संग-बारी का अगर हमको ना ख़दशा होता
हमने शीशे के मकानात बनाए होते

Advertisements

Your comments and opinion matter. Please leave a message. Cheers!