बूढ़ा और लड़का | हफ्सा नाज़

बूढ़ा और लड़का

एक गाँव में बार-बार बारिश हुआ करती थी। एक लड़का छतरी लेकर जा रहा था। उसने देखा कि एक बूढ़ा बारिश में था।

लड़के ने बूढ़े को छतरी दी और बोला, “तुम यहाँ बारिश में क्या कर रहे हो?”

बूढ़े ने जवाब दिया, “मेरी झोंपड़ी टूट गई है।”

लड़का बोला, “तुम मेरे घर में रहा करो।”

बूढ़े ने कहा, “मैं घर में रहूँगा। मैं तुम्हारा एहसान ज़िंदगी भर नहीं भूलूँगा। तुम्हारा बहुत शुक्रिया।”

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