Favourite Poetry #5: Judai #3 ((Hindi)

बेबसी होती ना हमसर को झुकाए होते आप आए थे मगर काश ना आए होते संग-बारी का अगर हमको ना ख़दशा होता हमने शीशे के मकानात बनाए होते

Favourite Poetry #5: Judai #3 ((Urdu)

بے بسی ہوتی نہ ہم سر کو جھکائے ہوتے آپ آئے تھے مگر کاش نہ آئے ہوتے سنگ باری کا اگر ہم کو نہ خدشہ ہوتا ہم نے شیشے کے مکانات بنائے ہوتے

Favourite Poetry #4: Judai #2 ((Hindi)

जब कभी में दिल को समझाऊँ कि वो मेरा नहीं दिल में कोई चीख़ उठता है नहीं, ऐसा नहीं कब निकलता है कोई दिल में उतर जाने के बाद इस गली की दूसरी जानिब कोई रस्ता नहीं

Favourite Poetry #4: Judai #2 ((Urdu)

جب کبھی میں دل کو سمجھاؤں کہ وہ میرا نہیں دل میں کوئی چیخ اٹھتا ہے نہیں، ایسا نہیں کب نکلتا ہے کوئی دل میں اتر جانے کے بعد اس گلی کی دوسری جانب کوئی رستہ نہیں شاعر نا معلوم

Favourite Poetry (Hindi): Judai 1

ज़िंदगी में जब कभी कोई ख़ुशी महसूस की हर क़दम पर आपकी हमने कमी महसूस की अब तो पहले से भी ज़्यादा तेरी चाहत है हमें दूर रह के बात ये हम ने नई महसूस की

My earliest memories of YouTube

The year was 2008 and I had just discovered that there is a website that plays videos and it is NOT forbidden. By IT security team, yet. The site was YouTube, my dear friend and companion YouTube. It was like finding a treasure. I wasn’t much into Bollywood music until then. And, I preferred ghazals….